koshika kise kahate hain | कोशिका किसे कहते हैं| बीएससी कोर्सेज

koshika kise kahate hain | कोशिका किसे कहते हैं कोशिका एकअर्द्ध-पारगम्य झिल्ली से घिरी जैविक क्रियाओं की वह न्यूनतम इकाई है, जीवित में स्वतंत्र रूप

 koshika kise kahate hain कोशिका किसे कहते हैं ?  जन्तु कोशिका की नामांकित संरचना का वर्णन कीजिए।

निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए 
(अ) प्रोकैरियोटिक कोशिका, 
(ब) यूकैरियोटिक कोशिका । 
अथवा 
जन्तु कोशिका का नामांकित चित्र बनाइये।

उत्तर- "कोशिका एकअर्द्ध-पारगम्य झिल्ली से घिरी  जैविक क्रियाओं की वह न्यूनतम इकाई है, जीवित में स्वतंत्र रूप से प्रजनन की क्षमता रखती है।"

 कोशिका की सामान्य विशेषताएँ - 

किसी कोशिका की सामान्य विशेषताएँ या मुख्य लक्षण निम्नलिखित होते हैं-

(1) सभी कोशिका के चारों तरफ प्लाज्मा झिल्ली  पाई जाति है। 

(2) प्लाज्मा झिल्ली के अन्दर भाग में कोशिकाद्रव्य होता है, जिसमें केन्द्रक  उपस्थित होता हैं। 

(3) सभी कोशिकाओं में गुणसूत्र होते है जिसके अन्दर नाभिकीय अम्ल के रूप में आनुवंशिक पदार्थ होता उपस्थित है।

typical  Animal cell

(4) कोशिका के कोशिकाद्रव्य में माइटोकॉण्ड्यिा (Mitochondria), गॉल्जीकाय (Golgi body), एण्डोप्लाज्मिक रेटिकुलम (Endoplasmic reticulum), राइबोसोम (Ribosome) आदि होते हैं।

(5) सभी कोशिकाओं में नाभिकीय अम्लों (Nucleic acid) एवं प्रोटीन संश्लेषण की विधि एकसमान होती है।

कोशिका सिद्धान्त (Cell theory)  श्लीडन तथा श्वान (Schleiden and Schwann) ने बताया कि सभी कोशिका एक जीव है। उन्होंने कोशिका सिद्धान्त का अनुवाद किया, जो कि निम्नलिखित तथ्यों पर आधारित है-

(1) सभी जीव एक से अनेक कोशिकाओं से बनती है। कोशिका जीवों की संरचनात्मक इकाई है।

(2) कोशिका में जीवन के लिए आवश्यक सभी क्रियाएँ होती हैं, अत: कोशिकाएँ उपापचय क्रियाओं की इकाई हैं।

 (3) किसी भी जीव में होने वाली क्रियाएँ उसकी अंग कोशिकाओं में होने वाली जैव क्रियाओं के कारण ही हो पाती हैं।

(4) कोशिका में स्व-जनन की क्षमता होती है। नई कोशिकाएँ अपनी पुरानि कोशिकाओं से बन सकती हैं। 

(5) कोशिका आनुवंशिक इकाई है एवं इनके केन्द्र में आनुवंशिक द्रव पाया जाता है।

कोशिका सिद्धान्त के आपत्ति (Exceptions of Cell Theory)

(1) वाइरस, इस सिद्धान्त का अपवाद है।

(2) लाल रक्त कणिकाएँ (R.B.Cs.) पूरी  कोशिका नहीं होती , क्योंकि इनमें केन्द्रक एवं अन्य कोशिकांग नहीं पाये जाते हैं।

(3) तंत्रिका कोशिका (Nerve cells) में विभाजन क्षमता एवं पुन:निर्माण की क्षमता नहीं पाई जाती है।

(4) यकृत एवं पेशी कोशिकाओं में सामान्य विभाजन क्रिया नहीं पाई जाती है, लेकिन पुन:निर्माण  सम्भव होता है।

इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी के मदद से से कोशिका के बारे में अनेक खोज की गई और कोशिका के विभिन्न अंगकों की संरचना एवं कार्यों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त हुई है। 

कोशिकाओं के प्रकार (Types of cells)- 

कोशिकाएँ दो प्रकार की होती हैं- 

(1) सरल संरचना वाली प्रोकैरियोटिक कोशिका एवं 
(2) जटिल संरचना वाली यूकैरियोटिक कोशिका।

hacterial cell

कोशिका की संरचना (Structure of the cell)

कोशिका की संरचना के अध्ययन के लिए सूक्ष्मदर्शी को सहायता ली जाती है। कोशिका को संयुक्त सूक्ष्मदर्शी तथा इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी की सहायता से देखा एवं अध्ययन किया जाता है।

1. संयुक्त सूक्ष्मदर्शी द्वारा कोशिका की संरचना- संयुक्त सूक्ष्मदर्शी के माधयम से कोशिका की संरचना को स्पस्ट देखा जा सकता है। कोशिका में बाहरी भाग में प्लाज्मा झिल्ली दिखाई देता है। प्लाज्मा झिल्ली से घिरा हुआ कोशिकाद्रव्य  पाया जाता है। कोशिकाद्रव्य में एक केन्द्रक (Nucleus) लगभग बीच में स्थित होता है। इसके अतिरिक्त अन्य कोशिकांग जैसे- गॉल्जीकाय (Golgi body), माइटोकॉण्ड्रिया (Mitochondria), सेण्ट्रोसोम (Centrosomes), लाइसोसोम (Lysosome), राइबोसोम भी पाई जाती हैं। सभी कोशिकांग को कोशिकाद्रव्य से अलग कर देने के पश्चात् एक आधात्री (Matrix) बचती है, जिसे हायलोप्लाज्म (Hyaloplasm) कहते हैं।

2. इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी में जन्तु कोशिका की संरचना- इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी में देखने पर कोशिका को दो भागों में बाँटा जा सकता है, कोशिका भित्ति एवं जीवद्रव्य। जीवद्रव्य में कोशिकाद्रव्य तथा केन्द्रक पाया जाता है। केन्द्रक की संरचना में बाहर की तरफ केन्द्रक कला तथा उससे घिरी हुई केन्द्रक द्रव्य (Nucleoplasm) तथा केन्द्रिका (Nucleolus) एवं केन्द्रक जाल (Chromatin network) पाया जाता है। कोशिकाद्रव्य में खली जगह (Vacuoles), तेल बिन्दु और अन्य पदार्थ उपस्थित होता हैं।

कोशिका के कार्य (Functions of cell)- 

कोशिका में पाया जाने वाला जीवद्रव्य जैविक क्रियाएँ जैसे-पोषण, श्वसन, वृद्धि, उत्सर्जन, गति, जनन आदि क्रियाएँ करता है।

कोशिका एक  घर के समान है, जिसमें भिन्न -भिन्न  कोशिकांग उपस्थित  होतें  हैं, जो भिन्न -भिन्न कार्य करते हैं। जैसे-

(2) कोशिका कला कोशिका की रक्षा करती है।

(b) राइबोसोम के द्वारा प्रोटीन का निर्माण किया जाता  है।

(c) माइटोकॉण्ड्रिया जिसे कोशिका का पावर हॉउस भी कहते हैं जिसके द्वारा ऊर्जा निर्माण किया जाता है।

(d) DNA आनुवंशिक गतिविधि को आगे बढ़ाता है।






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